राजस्थान में सरकारी नौकरी और विज्ञान का संगम तलाश रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने जयपुर स्थित राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में खाली पदों को भरने का फैसला किया है।
यह भर्ती उन विशेषज्ञों के लिए है जो फॉरेंसिक जांच और वैज्ञानिक विश्लेषण के जरिए न्याय प्रणाली का हिस्सा बनना चाहते हैं। सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर का यह पद न केवल रूतबे वाला है, बल्कि राज्य सरकार के एक बेहद संवेदनशील विभाग में काम करने का मौका भी देता है।
मुख्य आकर्षण (Key Takeaways)
- RPSC कुल 3 विशिष्ट पदों पर भर्ती कर रहा है।
- ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 11 जून 2026 से शुरू होकर 10 जुलाई 2026 तक चलेगी।
- चयन के लिए लिखित परीक्षा, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट पास करना होगा।
- संबंधित विषय में मास्टर डिग्री के साथ 2 साल का अनुभव होना जरूरी है।
- चयनित उम्मीदवारों को पे-मैट्रिक्स लेवल L-15 के तहत शानदार सैलरी मिलेगी।
- परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग और ‘पांचवें विकल्प’ का नियम लागू रहेगा।
RPSC Sr Scientific Officer Bharti 2026: पदों का विवरण
भले ही पदों की संख्या कम दिख रही हो, लेकिन ये पद राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) के हैं। राजस्थान विधि विज्ञान प्रयोगशाला में तीन अलग-अलग विंग्स के लिए ये भर्तियां निकाली गई हैं।
टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक डिवीजन में एक-एक विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी। जो लोग इन क्षेत्रों में रिसर्च या काम कर रहे हैं, उनके लिए यह करियर को नई ऊंचाई देने वाला मौका है।
“फॉरेंसिक लैब में एक वैज्ञानिक की भूमिका केवल जांच तक सीमित नहीं होती, वह अदालती न्याय की एक मजबूत कड़ी होता है।”
पदों के बंटवारे को आप इस टेबल से आसानी से समझ सकते हैं:
| पद का नाम | संबंधित डिवीजन | कुल पद |
|---|---|---|
| वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Toxicology) | टॉक्सिकोलॉजी प्रभाग, जयपुर | 01 |
| वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Physics) | फिजिक्स प्रभाग, जयपुर | 01 |
| वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Ballistics) | बैलिस्टिक प्रभाग, जयपुर | 01 |
शैक्षणिक योग्यता और जरूरी अनुभव
RPSC ने इस पद के लिए मानक काफी कड़े रखे हैं। आपके पास संबंधित विषय में कम से कम सेकंड डिवीजन के साथ M.Sc. या M.Tech. की डिग्री होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि लैब की जटिल जांचों को संभालने के लिए केवल योग्य हाथ ही आगे आएं।
सिर्फ डिग्री से काम नहीं चलेगा; आपको तकनीकी रूप से भी अपडेट रहना होगा। कंप्यूटर की बेसिक जानकारी या ‘O’ लेवल सर्टिफिकेट अनिवार्य है। आज के दौर में डिजिटल साक्ष्य जिस तरह बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए यह मांग जायज भी है।
अनुभव की बात करें तो किसी सरकारी फॉरेंसिक लैब या पब्लिक सेक्टर यूनिट में कम से कम 2 साल का वर्क एक्सपीरियंस मांगा गया है। साथ ही, राजस्थान की संस्कृति और हिंदी भाषा की समझ होना भी आपकी पात्रता का हिस्सा है।
आयु सीमा और छूट के नियम
आयु की गणना 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर की जाएगी। सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
राजस्थान के मूल निवासियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में अच्छी-खासी छूट दी गई है:
- SC/ST/OBC/EWS (पुरुष): इन्हें 5 साल की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
- SC/ST/OBC/EWS (महिला): इन श्रेणियों की महिलाओं को 10 साल की राहत दी गई है।
- सामान्य वर्ग की महिलाएँ: इन्हें उम्र में 5 साल की छूट मिलेगी।
- विधवा एवं परित्यक्ता: इनके लिए उम्र की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं है।
आवेदन शुल्क का ढांचा
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। अगर आपने पहले कभी RPSC का फॉर्म भरा है, तो वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) के जरिए यह काम और भी आसान हो जाएगा। शुल्क का भुगतान सिर्फ डिजिटल माध्यम से ही किया जा सकता है।
विभिन्न वर्गों के लिए निर्धारित फीस यहाँ देखें:
- सामान्य (अनारक्षित), ओबीसी और एमबीसी (क्रीमी लेयर) के लिए 600 रुपये।
- SC, ST, OBC (NCL), EWS और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए 400 रुपये।
- दिव्यांगजन (PwD) उम्मीदवारों के लिए भी 400 रुपये शुल्क रखा गया है।

चयन प्रक्रिया और परीक्षा का पैटर्न
चयन पूरी तरह मेरिट और पारदर्शिता पर आधारित है। सबसे पहले एक लिखित परीक्षा होगी, जिसके बाद सफल उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच होगी और अंत में मेडिकल फिटनेस देखी जाएगी।
लिखित परीक्षा का फॉर्मेट कुछ इस तरह का होगा:
- कुल 150 सवाल पूछे जाएंगे और हर सवाल 1 नंबर का होगा।
- गलत जवाब देने पर 1/3 नंबर काट लिया जाएगा, इसलिए सोच-समझकर गोला भरें।
- पेपर हल करने के लिए आपको 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा।
- 5वां विकल्प: अगर किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहते, तो पांचवें गोले को काला करना जरूरी है।
- याद रखें, अगर आपने 10% से ज्यादा सवाल खाली छोड़ दिए (यानी कोई भी गोला नहीं भरा), तो आप रेस से बाहर हो जाएंगे।
सैलरी और अन्य सुविधाएं
आर्थिक नजरिए से देखें तो यह पद बहुत आकर्षक है। पे-मैट्रिक्स लेवल L-15 के तहत शुरुआती बेसिक सैलरी ही 56,100 रुपये है, जो समय के साथ 1,77,500 रुपये तक जाती है।
इसके अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया और मेडिकल जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। हालांकि, पहले दो साल प्रोबेशन पीरियड रहेगा, जिसमें आपको एक फिक्स मानदेय (Stipend) दिया जाएगा। प्रोबेशन पूरा होते ही आपको पूरे वेतन और भत्तों का लाभ मिलने लगेगा।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
RPSC की वेबसाइट पर फॉर्म भरना अब पहले से कहीं ज्यादा सरल है। आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- राजस्थान SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर जाकर अपनी आईडी से लॉगिन करें।
- ‘Recruitment Portal’ पर क्लिक करें।
- अगर OTR नहीं किया है, तो पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
- ‘Ongoing Recruitment’ में जाकर “Senior Scientific Officer 2026” का लिंक चुनें।
- अपनी योग्यता और पद का चुनाव करें और फॉर्म भरें।
- फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने के बाद अपनी कैटेगरी के हिसाब से फीस जमा करें।
- सबमिट करने के बाद फॉर्म का प्रिंटआउट लेना न भूलें।
तैयारी के लिए कुछ काम की बातें
यह कोई साधारण परीक्षा नहीं है, इसलिए अपनी तैयारी को विषय-आधारित रखें। केमिस्ट्री, फिजिक्स या बैलिस्टिक्स—जो भी आपका कोर सब्जेक्ट है, उस पर पकड़ मजबूत करें। पिछले सालों के पेपर्स देखें ताकि आपको सवालों के लेवल का अंदाजा हो जाए।
नेगेटिव मार्किंग और पांचवें विकल्प वाले नियम का अभ्यास ओएमआर शीट पर जरूर कर लें। अक्सर उम्मीदवार जल्दबाजी में गोले भरना भूल जाते हैं, जो बाद में महंगा पड़ता है।
Frequently Asked Questions
क्या राजस्थान के बाहर के लोग भी अप्लाई कर सकते हैं?
बिल्कुल, दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। बस ध्यान रहे कि उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा और वे ‘जनरल’ कैटेगरी में गिने जाएंगे।
अनुभव प्रमाण पत्र (Experience Certificate) कहां का मान्य होगा?
आपका अनुभव किसी सरकारी फॉरेंसिक लैब या मान्यता प्राप्त सार्वजनिक संस्थान का होना चाहिए। प्राइवेट लैब का अनुभव तभी मान्य होगा जब वह सरकार द्वारा अधिकृत हो।
क्या प्रोबेशन के दौरान पूरी सैलरी मिलती है?
नहीं, राजस्थान में प्रोबेशन के दो सालों के दौरान एक फिक्स सैलरी (Fixed Remuneration) दी जाती है। इंक्रीमेंट और भत्ते प्रोबेशन खत्म होने के बाद जुड़ते हैं।
अगर फॉर्म भरने में गलती हो जाए तो क्या करें?
आयोग फॉर्म भरने की आखिरी तारीख के बाद एक एडिटिंग विंडो खोलता है। करीब 500 रुपये की फीस देकर आप गलतियां सुधार सकते हैं, लेकिन कोशिश करें कि पहली बार में ही फॉर्म सही भरें।
पांचवें विकल्प का नियम क्या है?
यह नियम पारदर्शिता के लिए है। अगर आप किसी सवाल का जवाब नहीं जानते, तो उसे खाली नहीं छोड़ सकते। आपको ‘विकल्प 5’ का गोला भरना ही होगा ताकि ओएमआर शीट के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।
निष्कर्ष
RPSC सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर भर्ती 2026 उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो विज्ञान के जरिए अपराधियों तक पहुंचने का जज्बा रखते हैं। पद कम हैं, इसलिए मुकाबला कड़ा होगा। अपनी तैयारी को आज ही से सही दिशा दें और समय पर आवेदन पूरा करें।
अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए आखिरी तारीख का इंतजार न करें। अपनी योग्यता पर भरोसा रखें और व्यवस्थित तरीके से पढ़ाई शुरू करें। गुड लक!




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